WithinYOU POETRY
The words of deep emotion are here.
Saturday, August 25, 2018
पलायन ३
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यह तबाही उनकी नहीं जन्मभूमि की अधिक थी जो उनको अपनी गोद में हंसते खेलते देखना चाहती थी मगर वहां उनके दफन होने को दो गज जमी...
Thursday, August 16, 2018
इशारे
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घर के किसी कोने में अखबारों का ढेर देख है कभी सूना है कभी उन आवाज़ों को उन बातों को जो वह आपस में करते हैं जिन बातों से वह झ...
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