WithinYOU POETRY

The words of deep emotion are here.

Wednesday, September 25, 2019

अदीबा

›
आज घर मे फिर लड़ाई हुई। एक एक कर घर के सारे सामान बाहर आने लगे। जैसे अचानक खिली धूप के बीच बारिश होने लगे और ओले पड़ने लग जाए, इन ओलों से लगी ...
Tuesday, July 30, 2019

छत में चांद

›
मेरे घर की छत में  चांद आया आधा नहीं, पूरा चांद उसकी चांदनी फैली चारों ओर हां, चांद की चांदनी चांद न ही पुरुष है न ही ...
2 comments:
‹
›
Home
View web version

About Me

My photo
Yuvraj Singh
कुछ विचार जो मन में आंदोलित होकर कलम से उतरना चाहते हैं और मैं उन्हें शब्दों में पिरोकर एक सुंदर माला में गूंथने का असफल प्रयास करता हूँ और यह माला समाज को अर्पित है।
View my complete profile
Powered by Blogger.