WithinYOU POETRY
The words of deep emotion are here.
Sunday, September 23, 2018
राह दिखाएं
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ऊंचाई से अगणित रफ्तार पर्वतों को चीर पार स्वयं अपनी राह बनाते मैदानों में नदियां आती या फिर पर्वत रोकते राहें चंचलता पर अ...
Friday, September 21, 2018
किसान
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धोती पहने, कपड़ा बांधे नंगे पैर निकलता किसान तड़पती धूप, कड़कती सर्दी खेतो में रोज दिखता किसान देश बंद हो, मजदूर दिवस ह...
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