The words of deep emotion are here.

पंखे में धूल

Poetry comes from the highest happiness or the deepest sorrow. - A.P.J.ABDUL KALAM

Monday, February 25, 2019

मैं जानना चाहता हूं

सुनो बापू तुम कहां हो क्या तुम भी परलोक सिधार गए मैंने बचपन से केवल तुम्हारा नाम सुना और एक दिन जाना कि तुमने तो केवल आजादी दिलाई थी हां, मैं नहीं जानता आजादी की कीमत क्यूंकि मैंने गुलामी नहीं देखी वैसे एक बात पूछू क्या तुम आज भी नज़रे गड़ाए हमें देखते हो मैं जानना चाहता हूं और यदि देखते हो तो क्या लाठी, आप ही नहीं उठती या दृगों की धार रुक नहीं पाती मैं जानना चाहता हू...
Share:

Indiblogger