The words of deep emotion are here.

पंखे में धूल

Poetry comes from the highest happiness or the deepest sorrow. - A.P.J.ABDUL KALAM

अंधेरी कोठरी

Poetry is when an emotion has found it's thought and the thought has foud words. - ROBERT FROST

लोरी

The poet is a liar whoalways speaks truth. - JEAN COCTEAU

डाकिया

Poetry should be great and unobtrusive, a thing which enters into ones soul, and does not startle it or amaze it with itself, but with its subject. - JHON KEATS

कतरा : कागज का

And when all the wars are over, a beautiful butterfly will still be beautiful. - RUSKIN BOND

Wednesday, February 21, 2018

तौलिया

आज आंगन के कोने में रखा
एक कपड़ा नजर आया
जिसने थोड़ी देर पहले
निचोड़कर,मरोड़कर और
बहुत कष्ट झेलने के बाद भी
फर्श के सारे कीटाणुओं को
अपना दुश्मन समझ मर डाला था
ये वही पुराना हो चुका तौलिया
जो कुछ वक़्त पहले,
कभी दादाजी गले में,
पापा के कंधो पर,
मां के माथे पर रहा करता
जिससे कुछ समय पहले


मुंह पोछना और हाथ पोछना 
जैसे काम लिए जाते
यह वही नया तौलिया था
जिसे मां माथे में पहन
पड़ोसन को चिढाया करती
यह वही यादों का तौलिया था
जिसे कभी धोती बनाकर 
बच्चे पहन लिया करते
यह वही तौलिया
सफेद,लाल,हरे,नीले और भी
बहुत रंगो में खप जाता
वही यादों का समंदर था
जो हमसे ज्यादा नदी,झरने
और भी कई तीर्थ घुमा था
और यह वही तौलिया जो 
हमसे ज्यादा घर की जिम्मेदारी उठाता था
आज अपने अंतिम समय में भी
सारे घर की गंदगी का जिम्मा उठाया
मूछें उठाए बाहें फैलाए
बैठा है आसन जमाकर
जिस आंगन में कभी बेटियां खेला करती
और इस तौलिए से ज्यादा काम खुद करती 
और इस तौलिए को भी संभालकर
अपने से ज्यादा प्यार देती 


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Tuesday, February 20, 2018

The cracks in house

I heard 
the cracks in the house
symbolise something
but once
I caught them whispering
the uneasy moment I had
but I remain quite
carefully listened them
it was not about
their colour
not about their future
and even not about the wealth
hanging over them
like human do
what they are whispering is
we are a part of this earth
the same soul we have
If we are derived from same soul
so we are one not different
the only thing
human not talk about
the humanness
serve love,get love
if we all have to end in same soul
why we made the 
the tricks of happy life
the thing remain for last is 
not humans
but the humanness

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Friday, February 16, 2018

पंखे में धूल

उस छत से लटकते पंखे में
समय समय पर 
कुछ धूल जम जाती 
और कभी कभी
कुछ जाले भी लग जाते 
जब भी मैं,सीधा लेट सो रहा होता
तो छत के उस दृश्य को देख 
एक डरावना एहसास होता 
मगर गर्मियों के आने से पहले
मुझे वह पंखा,हमेशा साफ करना पड़ता था 
कभी कभी ऐसा लगता था
जैसे वह पंखा मुझसे कुछ कहना चाहता हो
मगर मैं अभी छोटा ही था,नासमझ था
और जैसे जैसे मैं बड़ा हुआ 
मैंने एक बात और गौर की 
धूल जाड़ों तक आते-आते 
एक मोटी परत सी बना जाती 
और अगर एक भी
भिनभिनाती मक्खी उससे टकरा जाए
तो बिस्तर में बहुत धूल गिरा जाती
क्या करे,शहरों के कमरे थोड़ा छोटे होते हैं 
मगर एक दिन अचानक
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Thursday, February 15, 2018

धूल

हवा के साथ फुहार सी
निर्झर उड़ती जाती धूल
मौसम में बहार सी
नित्य एहसास कराती धूल

बारिश में सौंधी खुशबू
खींच कहीं से लाती धूल
शरीर लतपत हो जाए गर
अपनापन ले आती धूल



बच्चों के खिलौने की
कमी दूर करती धूल
जमीन से ऊंचा उठने पर
जमीं पर पटक जाती धूल

बंजर पड़े गांवों को
चादर सी ढक जाती धूल
आंगन की उन यादों पर
मरहम सी छा जाती धूल

तूफानों से दंगल करती
कहर सी बन जाती धूल
कभी नवीन संदेशा बनकर
लंबा सफ़र तय कर जाती धूल

यादों का सूनापन तोड़ती
हमसाथी बन जाती धूल
अकेले पड़े उन सायों को
जिंदगी भर आजमाती धूल

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Monday, February 12, 2018

The dream

When getting out of bed
Reminds me the dream
I have seen
I make lot efforts
But only beutiful of those
Remain for few moments
Some for few days


Gives the painless relieve
After every journey of failure
The dreams which create
A great suspense
How all things are 
So closer to me
Are these real
Atleast not fake 
Are the incidents
Going in our daily life
But some says
Dream have stopped to came 
In my sleep
The reality is
They have too stopped
To try a new thing
Say creativeness
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Sunday, February 11, 2018

Shining drops

The drops
Shines in light
Like a diamond
Which fell on your screen
Which are quite salty
Taste them
Called tears
Are the symbols,
Are the means,
Are the way,


To show your happiness
After 
Writing the beautiful words
You have collected
After a lot efforts
Don't go them waste
Keep on writing
Fill the sorrow 
With words of love
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Wednesday, February 07, 2018

जिंदगी : एक पहेली

जब मुझसे कहा गया ,जिंदगी की हकीकत साबित कर
मैंने पूछा अपनी जिंदगी से, अपने अंदर से
क्या यह संभव है
कैसा भविष्य दिया मुझको , कैसे तेरा अतीत वया करू
क्या इनसे सच्चाई बोलू,क्या पैगाम जारी करू



सच बोलू तो रो जाएंगे,कहानी गढ़ू तो खो जाएंगे
केवल कुछ पल में ही जिंदगी कैसे साबित करू
क्या सीख जाऊंगा यहां से,खुद से कैसे बात कहूं
अपनी मर्ज कैसे बताऊं, या औरो की बात कहूं
एक अवसर जो मिला है,उसका कैसे अब बखान करू
बिना किसी मेरे कर्म के,एक जीवन का अवसर मिला मुझको
जिसको इशू,अल्लाह और अपना खुदा माना
जिसने दिया मुजको जन्म उसको ही अपना भगवान माना
कितने अच्छा कर्म पूर्वजों के,जीवन जो यह पाया है
इस जीवन के इन लम्हों  में देखनी बहुत अब आया है
कुछ सीख इस जीवन में,यह तेरी सच्चाई
नित्य कर्म कर सबको मानकर ,यह तेरी अच्छाई है
विश्व दृष्टिकोण मान तो,उस नाम रखने वाले साधु को गरीब मानू
या फिर उसका ज्ञान देखकर ,स्वयं परमात्मा को जानू
भारत तो है स्वयं सारथी ,अपना पथ खुद बनाएगा 
तू अपने लिए जिएगा तो , अपने में ही मर जाएगा।
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Thursday, February 01, 2018

जिंदगी

सुबह  से लेकर शाम तक
थकान है जिंदगी
छोटी छोटी बातों में आने वाली 
मुस्कान है जिंदगी



मनुष्य के सत्कर्मों की
पहचान है जिंदगी
हर गिरते पड़ते क़दमों पर
एक पैगाम है जिंदगी

कभी संसार की मोहमाया से
डूबी है जिंदगी
कभी किसी पश्चाताप का
आवरण है जिंदगी
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